कुछ तो बात है.....

खुद से खुद को दूर करके, अजनबी खुद से बना;
जब मिला खुद से, तो कायनात मेरी हो गयी !

काश! चले कलम कागज़ पर, कोयल इसे सुनाये;
झींगुर दे संगीत मधुर और बन्दर ढोल बजाये !
बाज़े डम-डम डमरू ऐसे भय,आतंक, चिंता मिट जाये;
बन जाये कुछ बात की, जन-जन ख़ुशी मनाये !!


Saturday, 14 February 2015

खोता गया खुद को, तो वज़ूद  का पता चला !
पता चला यही कि  जो मैं  हूँ , वो मैं  नहीं हूँ  !!

Tuesday, 10 February 2015

मौत ने खोजा जीवन को, जीवन ने भी हामी भर दी!
हुआ असर मिलन का ऐसा,जीवन ने साँसे अंतिम ली!

Sunday, 8 February 2015

Barahguna: Imagination

Barahguna: Imagination: Human imagination is boundless, only barrier is intelligence. The intelligence is the place where from  fear born, restrict flow of thoughts...